Kisan aandolan:पंजाब के वकील ने जहर खाकर जान दी

पंजाब के वकील ने जहर खाकर जान दी, सुसाइड नोट में लिखा- काले कानूनों से ठगा महसूस कर रहे किसान। सवाल- और कितनी जानें जाएंगी

नई दिल्ली | नए कृषि कानूनों के विरोध में देशभर के किसान 32 दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इस बीच सीनियर एडवोकेट अमरजीत सिंह राय ने रविवार को दिल्ली में आत्महत्या कर ली। वे पंजाब के फजिल्का जिले के जलालाबाद के थे। उन्हाेंने टिकरी बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शनस्थल से 5 किलोमीटर दूर जाकर जहर खा लिया। इस घटना के बाद उन्होंने फोन कर अपने क्लर्क को भी सूचना दी।

घटना स्थल पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें अमरजीत ने लिखा है कि वह केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ और किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में
जान दे रहे हैं, ताकि सरकार लोगों की आवाज सुनने
के लिए मजबूर हों।

इन काले कानूनों के कारण किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कृषि कानूनों के कारण जीना दूभर हो गया है। अमरजीत सिंह के एक बेटा और एक बेटी हैं। इससे पहले हरियाणा के करनाल जिले के 65 साल के संत बाबा रामसिंह ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी।

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किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ का थाली बजाकर किया विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो पर नियमित कार्यक्रम ‘मन की बात’ की।

इस बीच किसानों ने ताली और थाली बजाई। किसानों ने पहले ही ऐलान किया था कि वह इसका विरोध करेंगे। किसानों ने कहा कि पीएम मन की बात रहे हैं, लेकिन हमारी बात कब करेंगे। पिछले एक महीने से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसानों ने दिल्ली के शाहजहांपुर हाईवे और सिंघु बॉर्डर पर मार्च निकालकर थाली बजाई। किसानों ने इस दौरान नारेबाजी भी की।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 29 दिसंबर को हम सरकार के साथ मुलाकात करेंगे।

…क्योंकि अब तक 26 किसान आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी

करनाल के 65 साल के संत बाबा रामसिंह ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी।

गांव जिंदराण के किसान 65 वर्षीय सतबीर राठी की ब्लड प्रेशर बढ़ने पर दिमाग की नस फटने से मौत हुई थी सतबीर 20 दिसंबर को टिकरी बॉर्डर पर किसानों के
समर्थन में पहुंचे थे।

आंदोलन में अब तक हरियाणा में 26 किसान जान गंवा चुके हैं।

किसान दो साल इंतजार करें, कृषि कानूनों का लाभ नहीं मिला तो सरकार इन पर फिर चर्चा करेगी। किसानों की जमीन कोई नहीं छीन सकता। किसानों से करार फसल का होगा, जमीन का नहीं। विपक्ष भ्रामक प्रचार कर
रहा है। एमएसपी खत्म करने का इस सरकार का न तो कभी इरादाथा, न है और न रहेगा।’
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

3 दिन में हरियाणा को टोलसे 12.83 करोड़ का नुकसान
हरियाणा में किसानों ने तीसरे दिनटोल वसूली नहीं होने दी। जिससे हरियाणा के सभी टोल प्लाजा को 12.83 करोड़ का नुकसान हो चुका है। वहीं, किसान नेता गुरनाम चढूनी ने एलान किया कि जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, टोल वसूली नहीं होने देंगे

इधर शाहजहांपुर का किसान आंदोलन कई खेमों में बंटा, बेनीवाल ने हिंसा की आशंका जताकरएकबार फिर टाला दिल्ली कूच

हाईवे संख्या 48 पर शाहजहांपुर बॉर्डर पर 16 दिन से चल रहा किसान आंदोलन रविवार को 3 धड़ों में बंटा दिखाई दिया। आरएलपी संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और उनके समर्थक, वामपंथी व राजस्थान के किसान संगठन। सभी अपने खेमों में रणनीति बनाते रहे। वहीं, बेनीवाल ने कहा कि आगे की तरफ कई किसान संगठन बैठे हैं। मैं दिल्ली कूच करूंगा तो हिंसा हो सकती हैं। इसी कारण से मैंने अपना दिल्ली कूच आज भी टाल दिया है। लेकिन जब मैं दिल्ली के लिए कूच करूंगा तो मुझे कोई नहीं रोक सकेगा।

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