Free electricity upto 50 units in Rajasthan – अशोक गहलोत द्वारा घोषित बजट में जानिए सब्सिडी की गणना

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 2023 के चुनावों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सरकार के इस बजट से मजदूर वर्ग भी खुश नजर आ रहा है। हर घर में जाने वाले बिजली बिल में सरकार ने इस बजट में बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने बिजली बिल में 1.18 करोड़ उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।

सरकार की बजट घोषणा के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 175 रुपये से लेकर 750 रुपये तक की छूट (सब्सिडी) मिलेगी। इसमें 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं, जिन्हें स्लैब वाइज बिल छूट दी जाएगी। इससे बीपीएल और 50 यूनिट तक खपत करने वाले छोटे घरेलू वर्ग के उपभोक्ताओं की बिजली की ड्यूटी शून्य हो जाएगी। हालांकि बिल जीरो नहीं होगा।

इसमें फिक्स्ड चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और सिटी सेस जोड़ा जाएगा। फिक्स चार्ज 100 से 400 रुपये प्रति माह है। अधिसूचना जारी होने से यह सब्सिडी प्रभावी हो जाएगी।

शहरी उपभोक्ता को 15 पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही बिजली की ड्यूटी भी देनी होगी। सभी उपभोक्ताओं को 40 पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा और फिक्स चार्ज अलग से देना होगा। सरकार भी देगी कृषि कनेक्शन ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा 2012 से कृषि कनेक्शन का इंतजार कर रहे किसानों को भी इस बजट से बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2012 से अब तक लंबित मामलों में से अगले एक वर्ष से दो वर्षों में दो लाख नए कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे।

Understand how much discount you will get in electricity duty :-

  • उपभोक्ता श्रेणी अब बिजली शुल्क सब्सिडी अब बिजली शुल्क
  • बीपीएल और आस्था कार्ड धारक उपभोक्ता (50 यूनिट तक खपत) – 175 रुपये – 175 रुपये – शून्य
  • बीपीएल (100 यूनिट तक की खपत)- 500- 325- 175
  • लघु गृहस्थी (50 इकाइयों तक)- 192.50- 192.50- शून्य
  • छोटे घर (100 इकाइयों तक)- 517.50- 342.50- 175
  • सामान्य परिवार (50 इकाइयों तक)- 237.50- 150- 87.50
  • सामान्य परिवार (150 इकाइयों तक)- 887.50- 450- 437.50
  • सामान्य परिवार (300 इकाइयों तक)- 1990- 750- 1240
  • सामान्य परिवार (500 इकाइयों तक)- 3520- 750- 2770

इसमें फिक्स्ड चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, अर्बन सेस अलग-अलग होते हैं। इन पर कोई सब्सिडी नहीं है। यानी बिजली की ड्यूटी जीरो होने पर भी उनका चार्ज बिल में जोड़ा जाएगा। शहरी उपकर: शहरी उपभोक्ता पैसे से 15 प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा। बिजली शुल्क भी: सभी उपभोक्ताओं से 40 पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा और फिक्स्ड चार्ज का भुगतान अलग से करना होगा

मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश के 17 जिलों में जारी बिजली संकट को खत्म करने के लिए नए जीएसएस के गठन की भी घोषणा की है। ऊर्जा मंत्री के मुताबिक आने वाले समय में राजस्थान में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत होगी और बिजली का संकट प्रदेश से दूर होगा.

घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर किसान और अब बिजली संकट दूर करने का ऐलान करने वाले इस बजट पर विपक्ष कई कमियां गिना रहा है। भाजपा विधायक अनीता भदेल का कहना है कि सरकार बिजली की बात नहीं करती है तो बेहतर है क्योंकि बिजली वितरण की तीनों कंपनियां घाटे में चल रही हैं। सात साल से किसानों को कृषि कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। भदेल ने कहा कि पिछली बार सरकार ने 7 बार फ्यूल चार्ज के नाम पर बिजली बिलों में करंट भेजा था।

कुल मिलाकर राजस्थान बिजली के क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भर बनता दिख रहा है, लेकिन बिजली बिल में आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत देकर सरकार ने भले ही वाहवाही लूटी हो लेकिन फिर भी राजस्थान के पास देश में सबसे महंगी बिजली है। किसान भी पिछले 7 साल से अपने खेतों पर नए कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं।

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